बच्चों की शिक्षा बाधित होती देख पसीजे डीएम, जमा कराई फीस
कानपुर : नवागत जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की संवेदनशीलता गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान दिखी। नेत्र दिव्यांग पिता के बच्चों की शिक्षा बाधित होते देख उन्होंने कहा तो विद्यालय प्रबंधन ने आधी फीस माफ की, जबकि बाकी डीएम ने बैंक में जमा की।
जिलाधिकारी से कानपुर देहात के मूसानगर स्थित बाबूराम रुकमणी देवी (बीआरडी) इंटर कालेज में दो साल से बच्चों की फीस नहीं दे पाने की गुहार लेकर घाटमपुर के तहरापुर के नेत्र दिव्यांग मुन्ना सिंह मिले। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य वीरेश तिवारी बच्चों को स्कूल गेट से ही लौटा दे रहे हैं। उनके तीनों बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
डीएम ने तत्काल स्कूल प्रबंधक विजय सोनी व प्रधानाचार्य से बात की। दो साल की 36,100 रुपये फीस में आधी स्कूल प्रबंधक ने माफ की, जबकि बकाया जिलाधिकारी ने अपने पास से बैंक में जमा की।
दो साल से अटके जमीन प्रकरण पर मांगी रिपोर्टः दिव्यांग मुन्ना सिंह के दो साल से जमीन के अटके प्रकरण पर भी डीएम ने एसडीएम घाटमपुर से सप्ताह भीतर रिपोर्ट मांगी है। दिव्यांग ने उन्हें बताया कि जमीन गाटा संख्या पर जो नाम दर्ज हैं, उनमें उनका हिस्सा अलग कर दिया जाए।

