पिता ने राजनीति में बनाई पहचान, बेटे ने प्रशासनिक सेवा में रचा इतिहास; बड़ोखर के प्रभात सिंह बने युवाओं की प्रेरणा
बस्ती। सफलता विरासत में नहीं मिलती, बल्कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और लगन से अर्जित की जाती है। तहसील क्षेत्र के बड़ोखर गांव निवासी प्रभात सिंह ने इसे सच साबित करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में पहले ही प्रयास में जिला योजना अधिकारी/सहायक निदेशक, योजना एवं विकास विभाग के पद पर चयन हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और वे युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
प्रभात सिंह ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी पहचान वर्षों से राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में रही है। उनके पिता यशकांत सिंह वर्तमान में रामनगर ब्लॉक प्रमुख हैं तथा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वहीं उनके परबाबा जयदत्त सिंह डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रहे हैं। परिवार ने राजनीति के माध्यम से समाज की सेवा की, जबकि प्रभात ने प्रशासनिक सेवा का मार्ग चुनकर विकास और जनसेवा की नई मिसाल पेश की है।
प्रभात की सफलता पर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उनके आवास पहुंचकर अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रभात की उपलब्धि यह साबित करती है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। सफलता के लिए संसाधनों से अधिक आवश्यक अनुशासन, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास होता है।
प्रभात सिंह की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह संदेश दिया है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो पहली ही कोशिश में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। बड़ोखर के इस बेटे ने साबित कर दिया कि सेवा का मार्ग भले अलग-अलग हो, लेकिन उद्देश्य हमेशा समाज और देश का विकास ही होता है।

