बहन को घूरता था इसलिए कर दिया कत्ल, स्वीकार किया जुर्म
कौशांबी। करारी क्षेत्र के नेवारी गांव में सोमवार की रात प्रधान पुत्र की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर राजफाश कर दिया। पुलिस ने कातिलों को धर दबोचा, जिन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बताया कि वह बहन को घूरता था, इसलिए कत्ल कर शव को कुंए में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों कातिलों को जांच पड़ताल के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया।
नेवारी गांव की ननकी देवी पत्नी विश्वनाथ ग्राम प्रधान हैं। उनके 22 वर्षीय बेटे अजय कुमार की सोमवार की रात हत्या करने के बाद शव को गांव के समीप कुंए में फेंक कर कातिल फरार हो गए। दूसरे दिन लाश बरामद करने के बाद हरकत में आए पुलिस अफसरों ने घटनास्थल से मिले अहम सुराग को सीढ़ी बनाते हुए कातिलों की तलाश शुरू की। पुलिस की गठित टीमों ने सर्विलांस की मदद से नेवारी गांव के संदीप को मुगलसराय व सुधांशु को दबोचते हुए पूछताछ की तो कातिलों ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस अधीक्षक वृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कातिल संदीप की बहन को अजय घूरता था। इसके अलावा उसके साथ छेड़खानी भी की थी। इसी से आग बबूला होने के बाद उसने हत्या का तानाबाना बुन डाला।
सुधांशु के साथ मिलकर लाठी- डंडे से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अपराध छिपाने के लिए शव गांव के बाहर कुएं में फेंक दिया।
सोचा था कि कत्ल कर हो जाएंगे फरार
आरोपित संदीप और सुधांशु ने हत्या करने के बाद सोचा कि वह बाहर भाग जाएंगे, पर उनके मंसूबे पूरे नहीं हो सके। उन्हें क्या पता कि दूसरे दिन ही पुलिस लाश को बरामद करने के बाद उन्हें पकड़ लेगी। घटना स्थल पर खून से लथपथ लोवर मिलने के बाद ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। यही कारण था कि 24 घंटे के भीतर घटना का पर्दाफाश कर दिया


