हत्थे चढ़ा हैवान, एक महिला की ली थी जान, चार हुई थीं लहूलुहान, दुष्कर्म के मामले में जेल जाने के बाद महिलाओं से करता था नफरत...
गोरखपुर: पुलिस के लिए चुनौती बने हैवान अजय निषाद को क्राइम ब्रांच की एसओजी (स्पेशन आपरेशन ग्रुप) प्रभारी ने सर्विलांस व झंगहा थाना पुलिस की मदद से रविवार की सुबह दबोच लिया।
थानाक्षेत्र के मंगलपुर गांव में रहने वाले आरोपित ने पांच माह के भीतर युवती समेत पांच महिलाओं पर रात को सोते समय डंडे व राड से हमला किया था, इसमें एक महिला की मृत्यु हो गई थी। दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट में जेल जाने के बाद वह महिलाओं से नफरत करने लगा था। रात को घर से अकेले निकले के बाद बंधे सटे गांव में जाता जहां अगर कोई महिला अकेली घर में मिलती तो हमला कर देता था। दोपहर बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।
एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने रविवार की दोपहर पुलिस लाइन में संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2024 की रात को झंगहा के सहसराव गांव में घटना की शुरुआत हुई। घर में सो रही गांव के चमनलाल की पत्नी माया देवी पर हमला कर कमरे में रखा बाक्स लेकर फरार हो गया। इसके बाद 12 अगस्त की रात को उपधौलिया गांव स्थित मायके में रहने वाली ममता उर्फ मंशा के सिर पर राड से हमला कर दिया, जिसकी मृत्यु हो गई। 25 अगस्त को राजधानी गांव के हाथखाल में 55 वर्षीय महिला रंभा देवी, नौ नवंबर की रात को मंगलवार गांव के सोनू सिंह की पत्नी शांति सिंह और 13 नवंबर की रात में कटहरिया गांव के छोटेलाल की बेटी कविता पर डंडे से हमला कर लहूलुहान कर दिया। सभी घटना में एक तरह से अंजाम देने के तरीके से एक ही व्यक्ति के शामिल होने का संदेह था। सर्विलांस, सीसी कैमरा फुटेज की मदद से तत्कालीन झंगहा थानेदार सूरज सिंह छानबीन कर रहे थे।
दो दिन पहले उन्हें एसओजी का प्रभारी बनाया गया। जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर एसओजी प्रभारी व झंगहा के नए थानेदार ने रविवार को मंगलपुर गांव में रहने वाले अजय निषाद को हिरासत में लिया। घटनास्थल पर मिले फुटेज से पहचान होने के बाद उसकी तस्वीर पीड़ित को भेजी गई तो उसने भी पहचान लिया। पूछताछ में आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बांस, लिप्टस का डंडा, चारपाई का पाया व लोहे की राड बरामद हुई।


