मुंह दबाकर की थी सास की हत्या
बेटी को कुंडल देने से हुई विवाद की शुरुआत
मार्गश्री की बेटी सरोज देवी ने बताया कि रार शुरू होने का कारण तीन वर्ष पूर्व मां द्वारा उसे शादी पर सोने के कुंडल देना था। इसकी जानकारी भाभी रेखा और भाई सुभाष को होने उन्होंने बवाल शुरू कर दिया। मां का उत्पीड़न करने लगे। उन्हें मकान से निकालने का प्रयास किया, लेकिन मां नहीं गई। उन्हें डर था कि एक बार बाहर जाने के बाद बेटे-बहू अंदर नहीं घुसने देंगे
आगरा। ताजगंज के तुलसी नगर में मंगलवार को वृद्धा की हत्या बहू ने मुंह और नाक दबाकर की थी। पुलिस को घटना के दो चश्मदीद मिले हैं। वृद्धा की नातिन गले में कपड़ा डालकर अंदर तक घसीटकर ले गई थीं। वृद्धा की हत्या में आरोपित बहू-बेटे की गिरफ्तारी का पुलिस प्रयास कर रही है। वृद्धा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। हत्या के पीछे मकान हड़पना बताया जा रहा है। बुधवार शाम को शव बस्ती में पहुंचने पर बेटियों ने हंगामा कर दिया। आरोपितों की गिरफ्तार नहीं होने पर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
तुलसी नगर में मंगलवार दोपहर को पुलिस बहू रेखा द्वारा अपनी 65 वर्षीय सास मार्गश्री की हत्या की सूचना पर पहुंची थी। मार्गश्री का शव कबाड़ से भरे कमरे में बोरों के नीचे दबा मिला था। वृद्धा की बेटियों मुन्नी देवी और सरोज देवी ने पुलिस को बताया कि भाई सुभाष ने ढाई वर्ष पहले दौने-पत्तल बनाने का काम शुरू किया था। जिसमें दो लाख रुपये का घाटा हो गया। वह अब फतेहपुर सीकरी में प्लास्टिक का दाना बनाने की फैक्ट्री में काम करता है। सुभाष चाहता था कि मकान को मां उसके नाम कर दे, जिससे वह उसे बेचकर कर्जा चुका सके। मकान मां के नाम होने पर उन्होंने बेचने से मना कर दिया। मां ने बेटे से कह दिया कि मकान उसके मरने के बाद ही मिलेगा। जिसे लेकर बेटे और बहू से तीन वर्ष से विवाद चल रहा था। एसीपी सैयद अरीब अहमद ने बताया कि छानबीन में सामने आया कि बहू रेखा ने सास को खाना देना बंद कर दिया था। सास मार्गश्री टाफी की पैकिंग का काम करके अपना गुजर-बसर कर रही थीं। बेटे-बहू उनसे आए दिन मारपीट
करते थे। घटना के दो चश्मदीद मिले हैं। उन्होंने बताया कि दोनों नातिन वृद्धा के गले में साफी डालकर उन्हें घसीटकर अंदर ले जा रही थीं। वृद्धा की चीख सुनकर उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा था। कुछ देर बाद ही भीड़ जमा हो गई थी। वृद्धा का शव कबाड़ से भरे कमरे में बोरे में बंद मिला था। बुधवार शाम वृद्धा का शव बस्ती में पहुंचने पर बेटियों ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वह हत्यारोपितों को गिरफ्तार करने की मांग कर रही थीं। एसीपी द्वारा आरोपितों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देने के बाद स्वजन शांत हुए।


