अब परिषदीय स्कूलों में नव प्रयोगों को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ: अब परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के छात्रों को नवप्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 'लर्निंग बाई डूइंग' (करके सीखना) अभियान के तहत विद्यार्थी डिजिटल माध्यम व विभिन्न माडल की मदद से प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। वहीं शिक्षकों को भी गणित, विज्ञान व अंग्रेजी के कठिन से कठिन पाठ को सरल ढंग से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं और यह दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से सभी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि लर्निंग बाई डूइंग अभियान का विस्तार अब सभी परिषदीय स्कूलों में किया जाए। अभी 1,754 प्रधानमंत्री स्कूल फार राइजिंग इंडिया
(पीएम श्री) विद्यालयों के शिक्षकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है और आगे सभी स्कूलों के शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे। शिक्षक खुद माडल तैयार करेंगे और विद्यार्थियों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा छह से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाने के लिए पहले से ही कौशल विकास का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।


