सिपाही भर्ती पूरी न हो पाई, ठगो ने नियुक्त पत्र भी बांट दिया
कानपुर। प्रदेश में सिपाही भर्ती परीक्षा अभी पूरी भी नहीं हुई, लेकिन ठगों ने नियुक्ति पत्र भी बांटने शुरू कर दिए। खास बात यह कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के फर्जी हस्ताक्षर वाला नियुक्ति पत्र देकर ठगी कर ली। प्रयागराज निवासी आरोपित खुद को एयरफोर्स का कमांडिंग अफसर बताता था और उसने अभ्यर्थी को विशेष अधिकार के तहत नियुक्ति करने का हवाला दिया था।
अजीत डोभाल के हस्ताक्षर
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि अजीत डोभाल के हस्ताक्षर स्कैन कर नियुक्ति पत्र में प्रिंट किए थे। ठठिया कन्नौज निवासी सत्यम चतुर्वेदी बिटूर के सिंहपुर स्थित एक होटल में मैनेजर हैं। सत्यम ने पुलिस को बताया चक फातिमा शेरडीह न्यू कालोनी झूसी प्रयागराज निवासी अर्पित शुक्ला उर्फ मंयक चार दिनों से उसके होटल में रुका हुआ था। मुलाकात में उसने बताया कि वह एयरफोर्स में कमांडिंग अफसर के पद पर तैनात है। भरोसा दिलाया कि वह बिना किसी परीक्षा के उसकी नौकरी उत्तर प्रदेश पुलिस में लगवा देगा।
बदले में अर्पित ने उससे 30 हजार रुपये मांगे, हालांकि उसने केवल तीन हजार रुपये ही दिए। अर्पित ने रविवार को नियुक्ति पत्र दिया और उसकी मेल पर भी भेजा, जिसमें पांच जनवरी को ज्वानिंग करने की बात लिखी थी।
फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना स्वीकार
शक होने पर उसने अपने परिचित पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को नियुक्त पत्र दिखाया। सभी ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया। थाना प्रभारी बिठूर इंस्पेक्टर प्रेम नारायन विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया द गया। पूछताछ में फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना स्वीकार किया है।
आरोपित को न्यायालय में पेश
आरोपित दे को सोमवार को न्यायालय में पेश क किया गया जहां से उसे जेल भेज इ दिया गया। पूछताछ में पता चला है ज कि अर्पित नोएडा में कोचिंग करने के च नाम पर घर से निकला था। फर्राटेदार ह अंग्रेजी बोलकर वह लोगों को अपनी क बातों के जाल में फंसा लेता है। साथ प्र ही यह भी पता चला है कि वह वि मोबाइल हैकर भी है।


