स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को दूधिया रोशनी से जगमगा उठा इंदिरा भवन
बस्ती। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वुधवार को कप्तानगंज स्थित इंदिरा भवन दूधिया रोशनी से जगमग हो गया। इंदिरा भवन वुधवार की शाम को दूधिया रोशनी के चलते अनोखी छटा बिखेरता दिखा।जो फोरलेन से गुजरने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
बताते चलें तो कप्तानगंज फोरलेन से सटे इंदिरा भवन से कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ के संचालन के साथ समाज में कुछ बेहतर करने की दिशा में लोगों को प्रेरित किया जाता है। उक्त भवन में ही सड़क सुरक्षा को लेकर सर्वोपरि रहने वाले सागर सेवा ट्रस्ट का कैम्प कार्यालय संचालित होता है जहां जिंदल फ्लैग फाउंडेशन की प्रेरणा से स्व निर्मित राष्ट्रीय ध्वज भी लगाया गया है। जो इंदिरा भवन दिव्यता को प्रदर्शित करता है।बताते चलें अंग्रेजों की लंबी गुलामी के बाद भारत ने आखिरकार 15 अगस्त 1947 को आजाद हवा की सांस ली थी। और आजाद सुबह का सूरज देखा था हालांकि इस सूरज के बंटवारे के जख्म की की लाली भी थी बंटवारे के बाद मिली आजादी उसी के साथ ही दंगे और संप्रदायिकता का दर्द भी देखा था।
इंदिरा फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती ज्योति पांडे ने बातचीत के दौरान बताया कि मेरा परिवार पूर्व से ही शिक्षाविद् रहा है।मेरे ससुर स्व हरिहर प्रसाद पांडे कप्तानगंज स्थित इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। उनका सपना था कि इंदिरा भवन को विकसित कर समाज को नई दिशा देने के साथ बड़े पैमाने पर नाम दिया जाए। मेरे पति अजय पांडे भी पूर्व निजी सचिव सासंद भवन नई दिल्ली रहे हैं। पूर्व निजी सचिव के अनुभव और मार्ग दर्शन से समाज की दिशा में कुछ नया करने के लिए उनके द्वारा हमेशा प्रेरणा मिल रही है।


