मैनुअल कैस्टेल की परिभाषा लेख व उन के विचार
मैनुअल कैस्टेल (Manuel Castells)
मैनुअल कैस्टेल का जन्म वर्ष 1942 में समाजशास्त्री है, जो विशेष रूप से हुआ। सूचना समाज एक स्पेनिश (Information Society), शहरी समाजशास्त्र, सामाजिक आन्दोलन, संस्कृति के समाजशास्त्र से जुड़े रहे।
सूचना समाज
कैस्टेल का कहना है कि सूचना युग मन की शक्ति को प्रकट कर सकता है जो नाटकीय रूप से व्यक्तियों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और अधिक से अधिक अवकाश की ओर ले जाएगा, जिससे लोग अधिक से अधिक आध्यात्मिक गहराई और अधिक पर्यावरणीय चेतना प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रकार का बदलाव सकारात्मक होगा। उनका तर्क है कि इससे संसाधन खपत में कमी होगी। सूचना का युग, उपभोग की आयु और नेटवर्क सोसायटी सभी वर्तमान जीवन में आधुनिक जीवन का वर्णन करने और समाज के भविष्य को चित्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। कैस्टेल का सुझाव है कि समकालीन समाज को मशीन के पुरातन रूप में नेटवर्क के साथ प्रतिस्थापित करने रूप वर्णित किया जा सकता है।
सूचना के युग में अर्थव्यवस्था, समाज और संस्कृति
1990 के दशक में कैस्टेल ने 'द इनफॉर्मेशन इज इकोनॉमी' के सोसायटी एण्ड कल्चर' में तीन रूप में सूचना युग के नवीन आयाम का निर्माण किया, जिसमें उत्पादन, शक्ति और अनुभव जो अर्थव्यवस्था के संगठन, राज्य और उसके संस्थानों के तरीकों और लोगों द्वारा सामूहिक कार्यवाही के माध्यम से अपने जीवन में अर्थ पैदा करने के तरीकों की चर्चा करते हैं। इसके अतिरिक्त इण्टरनेट के विकास के माध्यम से सामाजिक आन्दोलन ( सूचना क्रान्ति), व्यवसाय की भूमिका के माध्यम से साइबरनेटिक संस्कृति आदि पक्ष को बढ़ावा देते हैं।
साइबरनेटिक संस्कृति का स्व, नेटवर्क और समन्वय (Self, Network, Co-ordination) के माध्यम से अर्थव्यवस्था का तेजी से विकास करते हुए शहरी समाज के विकास पर बल देना प्रमुख सिद्धान्त था।
मैनुअल कैस्टेल ने सूचना क्रान्ति के युग में शहरी समाज, अर्थव्यवस्था में हुए बदलाव को लेकर उत्तर औद्योगिक समाज को नवीन परिप्रेक्ष्य में बताने का प्रयास किया, जिसके केन्द्र में तकनीकी और सूचना क्रान्ति को शामिल किया। इन्होंने नेटवर्क समाज के माध्यम से शहरी समाज और वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ राजनीतिक गतिशीलता के साथ-साथ विविध आयामों को नया आधार प्रदान किया।
शहरी समाजशास्त्र
कैस्टेल शहरी समाजशास्त्र के प्रमुख समर्थक थे। ये मार्क्स के शहरी समाजशास्त्र की विविधता, शहरों के संघर्षपूर्ण जीवन में सामाजिक आन्दोलनों की भूमिका पर बल देते थे। उन्होंने 'सामूहिक उपभोग' (सार्वजनिक परिवहन, सार्वजनिक आवास इत्यादि) की अवधारणा को प्रस्तुत किया, जिसमें राज्य के हस्तक्षेप के माध्यम से आर्थिक संघर्ष से राजनीतिक स्तर तक विस्थापित होने वाले सामाजिक संघर्षो की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी। 1980 के दशक के बाद मार्क्सवादी संरचनाओं से आगे बढ़ते हुए उन्होंने अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन में नई तकनीकों की भूमिका पर ध्यान केन्द्रित किया।
कैस्टेल ने शहरी समाजशास्त्र के अन्तर्गत 'प्रवाह के स्थान' (Space of Flow) की अवधारणा को प्रस्तुत किया, जो अर्थव्यवस्था के समन्वय पर बल देते हुए वैश्विक सूचना नेटवर्क से जोड़ने पर बल देते हैं। इससे समय और दूरी में बचत होगी और शहरी आर्थिक गतिविधियों तीव्र होगी।
निष्कर्ष
मैनुअल कैस्टेल में उत्तर-आधुनिककाल में समाजशास्त्र के सन्दर्भ में सूचना समाज की महत्ता, अर्थव्यवस्था, समाज और संस्कृति के सन्दर्भ में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने सिद्धान्त के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि भावी सामाजिक संरचना और अर्थव्यवस्था पर डिजिटल (नेटवर्क) तकनीकी का व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
मैनुअल कैस्टेल की प्रमुख कृतियाँ
■ द राइज ऑफ द नेटवर्क सोसायटी
■ द पॉवर ऑफ आइडेन्टिटी (द इन्फॉर्मेशन एज)
■ एण्ड ऑफ मिलेनियम
■इन्फॉर्मेशनल सिटी : इकॉनामी
■मोबाइल एण्ड सोसायटी : ए ग्लोबल प्रोस्पेक्टिव


