भीषण हादसे में कार के उड़े परखच्चे; तीन बच्चों के शव उठाने में कांपे हाथ
हाथरस : आगरा- अलीगढ़ हाईवे पर शुक्रवार की शाम को हुए भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद हर तरफ चीख- पुकार का माहौल रहा। घटना स्थल पर कार के परखच्चे उड़े देख हर कोई सहम गया। आगे बैठे अनुज अग्रवाल और सौरभ अग्रवाल एयर बैग के कारण बच गए मगर पीछे बैठीं महिलाएं और बच्चे जान गंवा बैठे।
हादसे में क्षत-विक्षत महिला और बच्चों के शव देख लोग सहम गए। नन्हें बच्चों के शवों का हाल देख अस्पताल के स्टाफ, मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों तक की आंखें नम हो गई। मृतक सोनम का मायका हाथरस में ही है। उनके मायके से लोग अस्पताल पहुंच गए जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। आगरा के नटराजपुरम, कमलानगर निवासी अनुज अग्रवाल हार्डवेयर कारोबारी हैं और उनके भाई
सौरभ अग्रवाल नोएडा में बैंक में कार्यरत हैं। छह माह पहले उन्होंने टाटा टिगोर कार खरीदी थी। त्योहार पर वह आगरा आए थे। बैलोन मैया के दर्शन का कार्यक्रम दोनों परिवारों ने संयुक्त रूप से पहले ही तय कर लिया था। इसी के तहत ये लोग शुक्रवार को दर्शन के लिए निकले थे। इससे पहले रात भर तैयारियां की थीं। सुबह सात बजे आगरा से बुलंदशहर जनपद के बैलोन मैया के दर्शन के लिए रवाना हुए। दर्शन के बाद वहीं खाना खाया और फिर वापस आगरा के लिए रवाना हो गए। शाम करीब चार बजे ये लोग हाथरस से आगे निकले। चंदपा कोतवाली क्षेत्र में गांव केवलगढ़ी के निकट भीषण हादसा हो गया। कार रोड की दूसरी तरफ दायीं ओर के क्रैश बैरियर को तोड़कर गड्ढे में जा गिरी।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि नींद की झपकी के कारण कार अनियंत्रित हुई है। बैरियर से करीब 10 मीटर दूर कार थी। कार की छत उड़ चुकी थी। इस भयावह हादसे को देखकर हर कोई सहम गया। राहगीर जहां के तहां ठिठक गए। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से पुलिस बचाव कार्य में जुट गई। बमुश्किल बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला जा सका। चैतन्य, रूबी, निताई और सोनम को हाथरस जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। सौरभ और गौरांग की हालत ज्यादा गंभीर थी। गौरांग की आगरा के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
हाथरस में है सोनम का मायका
सोनम का मायका हाथरस में घटा निवासी महेशचंद्र के यहा है। हादस की खबर रिश्तेदारों को मिली ती वा से भी दर्जनों लोग यहां आगए। उन घायलों को संभाला।


