लाड़ले ने दे दी जान फिर भी न लौटी मां
आगरा: डेढ़ साल पहले घर छोड़कर गई मां को मनाने की वह लगातार कोशिश कर रहा था। उसे उम्मीद थी कि अबकी करवा चौथ पर मां लौट आएगी। रात आठ बजे तक वह इंतजार करता रहा, लेकिन मां नहीं आई। अवसाद में घिरे 17 साल के इकलौते बेटे ने फांसी लगाकर जान दे दी। पिता ने बेटे की मौत की सूचना भेजी, लेकिन पत्थर दिल मां आखिरी बार बेटे को देखने नहीं आई। पूरा गांव मां को कोस रहा है। रुनकता स्थित सिल्वर एस्टेट कालोनी में रहने वाले मनोज शुक्ला एक बेयरिंग फैक्ट्री में काम करते हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व उनका पत्नी शकुंतला से किसी बात पर विवाद हुआ।
विवाद इतना बढ़ा कि शकुंतला पति और बेटे पारस को छोड़कर चली गई। कुछ दिन बाद पता चला कि वह किसी दूसरे के साथ रहने लगी है। 11 वीं कक्षा में पढ़ने वाला पारस मां को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास करता रहा, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। पारस को उम्मीद थी कि करवा चौथ का त्योहार मनाने के लिए उसकी मां लौट आएगी। शंकुतला के लौटने की उम्मीद न देख शाम सात बजे पारस ने पिता के साथ खाना खाया। थोड़ी देर बाद लौटकर आने की कहकर मनोज घर से चले गए। रात आठ बजे लौटे तो घर की लाइट बंद थी। बेटे के कमरे में जाकर देखा तो वह पंखे से कसे फंदे से लटका था। मनोज की चीख सुनकर पड़ोसी पहुंच गए और फंदे से उतारा, लेकिन तब तक पारस की सांसें थम चुकी थीं। पारस के ताऊ लक्ष्मण ने बताया कि शंकुतला डेढ़ वर्ष पहले घर छोड़कर चली गई थी। बेटे ने कई बार प्रयास किया, लेकिन मां राजी नहीं हुई।
करवाचौथ पर पारस ने पिता से मां के नहीं आने को लेकर बात की थी। थोड़ी देर बाद उसने फांसी लगा ली। बेटे की मौत की सूचना के बाद भी वह नहीं लौटी। इंस्पेक्टर नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस की छानबीन में पत्नी शंकुतला द्वारा विवाद के चलते पति को छोड़कर जाने का मामला है। स्वजन ने तहरीर नहीं दी है।


