भगवान राम के लिए छोड़ दी दारोगा की नौकरी, श्रीराम.. मुझे
वाराणसी : 'रामकाज' हेतु एक बार फिर 'श्रीहनुमान' का त्याग व समर्पण लोगों में चर्चा का विषय है। रामनगर की प्रसिद्ध रामलीला में हनुमान की भूमिका निभाने वाले पात्र ने लीला में प्रतिवर्ष व्यवधान उत्पन्न करने वाली नौकरी को ही ठोकर मार दी। यह भूमिका निभाने वाले बृजेश कुमार तिवारी ने रामलीला के लिए बिहार पुलिस सेवा में दारोगा पत्र से त्यागपत्र देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेली है। पीएफ के रुपयों से रामनगर में ही घर लेकर अनवरत प्रभु सेवा का संकल्प लिया है।
मूलतः बिहार के भोजपुर जिले के बसौरी गांव निवासी बृजेश 14 वर्षों से रामलीला में हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। वह बिहार के शिवहर जिले में उपनिरीक्षक पद पर तैनात थे। बताते हैं कि प्रत्येक वर्ष रामलीला के दौरान छुट्टी मांगने पर अधिकारी त्योहार का हवाला देकर मना करते थे। इससे प्रभु काज के प्रति मन में संशय बना रहता था। रामलीला के लिए गत वर्षों में छुट्टी लेने से मेरी दो वेतन वृद्धि रोक दी गई, साथ ही मेरे विरुद्ध विभागीय कार्यवाही आरंभ हो गई। श्रीराम के काज में व्यवधान से मन बहुत विचलित होता था।
इस बार भी अधिकारियों ने छुट्टी देने से मना किया तो 30 सितंबर को डीजीपी को पत्र लिखकर ऐच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन कर दिया, वह स्वीकृत भी हो गया। बृजेश 1999 में बिहार पुलिस में आरक्षी पद पर भर्ती हुए थे। प्रोन्नत होकर उपनिरीक्षक पद पर पहुंचे थे।


