सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर के खाते से उड़ाए 31.67 लाख
प्रयागराज। हर दिन साइबर अपराधी किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। यह हाल तब है, जब साइबर अपराधों को लेकर तमाम जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साइबर थाने व सेल की पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों की धरकपड़ में भी लगी रहती है, बावजूद इसके नए-नए हथकंडे अपनाकर यह अपराधी लोगों के बैंक खातों को खोली कर रहे हैं। ताजा मामला सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर का है। बिना ओटीपी नंबर व लिंक भेजे ही उनके खाते से 31.67 लाख रुपये निकाल लिए गए और उनको पत्ता भी नाहीं चला। साइबर क्राइम थाने की पुलिस एफआइआर दर्ज कर जांच में जुट गई है।
सिविल लाइंस के सरोजनी नायडू मार्ग निवासी अरुण कुमार पाठक सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर हैं। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर पांच अक्टूबर को 6800 रुपये के ट्रांजेक्शन का मैसेज आया।
इसकी जांच के लिए वह सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पहुंचे। यहां जानकारी हुई कि मोवाइल बैंकिंग द्वारा साइबर तरीके से 31,66,800 रुपये निकाले गए हैं। दो अक्टूबर को दो बार में दस लाख, तीन अक्टूबर को दो बार में नौ लाख, चार अक्टूबर को 1.75 लाख व पांच अक्टूबर को 6800 रुपये निकाले गए। इसके अलावा दूसरे खाते से भी लाखों रुपये निकाले गए। पांच अक्टूबर को ही 6.36 लाख रुपये का एफडी के विरुद्ध लोन लिया गया। यह देखकर वह चकित रह गए। 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रुपये वापस नहीं हुए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी राजीव कुमार तिवारी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ये बरतें सावधानी
- किसी को अपना बैंक खाता नंबर न बताएं।
- किसी को ओटीपी की जानकारी न दें।
- किसी भी अंजान लिंक को टच न करें।
- फोन पर कोई लुभावना झांसा दें तो सावधान रहें।
- किसी अंजान व्यक्ति को अपने आइडी से संबंधित कोई कागजात नदें।
- खाते से रुपये निकाले जाने का मैसेज आने पर तत्काल बैंक व पुलिस अधिकारियों को जानकारी दें।


