उधार देने के बाद चार गुना कर दिया था ब्याज, दंपती ने दे दी जान
आगराः आगरा किला के फुटपाथ पर जहर खाकर आत्महत्या करने वाले दंपती कर्ज के जाल में फंस गए थे। स्वयं सहायता समूहों से लिया कर्ज चुकाने के लिए दंपती ने तीन निजी बैंकों से कर्ज लिया। मगर, महिलाओं द्वारा ब्याज चार गुना बढ़ाने के कारण कर्ज से मुक्ति नहीं मिली, दंपती ने जान दे दी। दंपती के बेटे ने तीन महिलाओं के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है।
आगरा किला फुटपाथ पर आठ अक्टूबर की सुबह दंपती ने आत्महत्या की थी। बुधवार रात दोनों की पहचान रामनगर कटरा वजीर खां एत्माद्दौला के कन्हैया और उनकी पत्नी वर्षा देवी के रूप में बेटे शेखर ने की थी। शेखर ने बताया कि माता-पिता ने अपना काम शुरू करना चाहते थे। दो वर्ष पहले उन्होंने कटरा वजीर खां की स्वयं सहायता समूह चलाने वाली गुड़िया से 20 हजार, सीमा से 70 हजार एवं गुड्डी से 60 हजार रुपये लिए थे।
तीनों ने यह रकम पांच प्रतिशत ब्याज पर दी थी। बाद में ब्याज की रकम चार गुना बढ़ा दी। आए दिन घर पर आकर तकादा करके धमकी देने लगीं। उधार चुकाने को माता-पिता ने तीन प्राइवेट बैंकों से 40 हजार, 50 हजार व डेढ़ लाख रुपये का ऋण लिया। इसके बावजूद तीनों महिलाओं का कर्ज नहीं चुकता हुआ। आरोपित महिलाओं की धमकी से परेशान होकर माता-पिता ने आत्महत्या कर ली।


