भरे बाजार छात्रा से मारपीट, चार दिन बाद कार्रवाई...
बस्ती। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले प्रदेश में छात्र-छात्राओं व महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का दावा कर रहे हो, लेकिन कप्तानगंज पुलिस है कि उसके अपने ही नियम कानून वह कार्रवाई करने के बजाय पहले पंचायत करवाती है।
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| सांकेतिक फोटो |
जिले की कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली कक्षा 11 की एक नाबालिग छात्रा ने पुलिस को दिये। शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसी के कक्षा में पढ़ने वाले छात्र राघवेंद्र प्रताप चौधरी ने उससे क्लास रूम में गोद मांगा, छात्रा के मना करने पर उसने क्लास रूम में ही उस पर अपशब्द की बौछार कर दी। जिसकी शिकायत छात्रा ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से की तो प्रधानाचार्य छात्र को बुलाकर डांट फटकार लगाई। प्रधानाध्यापक द्वारा डाटे जाने की बात राघवेंद्र प्रताप चौधरी को नागवार गुजरी, छात्र ने छुट्टी होने के बाद घर जा रही।
छात्रा को कप्तानगंज भरे बाजार में रोक कर उसके साथ अभद्रता करते हुए जमकर पिटाई कर दी। पीड़ित छात्रा इसकी शिकायत लेकर कप्तानगंज थाने पर पहुंची तो कप्तानगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय पिछले चार दिनो से पंचायत करवाने में जुटी रही।
मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को हुई तो उनके निर्देश पर पुलिस ने आरोपी छात्र पर गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया।
लेकिन सवाल यह है कि एक छात्रा को पुलिस बूथ के निकट भरे बाजार में इस तरीके से एक मनबढ़ छात्र द्वारा अभद्रता कर उसके साथ मारपीट की गई ।
लेकिन महज चंद कदमों की दूरी पर पुलिस सहायता केंद्र होने के बावजूद छात्रा को मदद नहीं हो सकी। ऐसे में कप्तानगंज पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठते हैं की पुलिस के इस लापरवाही पूर्ण रवैया के चलते कोई भी अपराधी किसी क्षण किसी भी घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो सकता है। और कप्तानगंज पुलिस उस पर कार्रवाई करने में इसी तरीके से लाचार दिखाई पड़ेगी।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कप्तानगंज दीपक कुमार दुबे ने बताया कि नाबालिग छात्रा द्वारा बार-बार तहरीर बदलने और आपसी पंचायत करने के चलते मुकदमा लिखने में विलम्ब हुआ।


