धार्मिक संगठन।Religious Organisation
अन्य संस्थाओं एवं संगठनों के समान धार्मिक संगठन भी अति प्रतिष्ठित, अति स्थापित और व्यापक होता है। मैक्स वेबर के अनुसार, धार्मिक संगठनों का उद्देश्य अलौकिक सत्ता अथवा अलौकिकता से जुड़ा होता है। उदाहरण के लिए, मोक्ष प्राप्ति, स्वर्ग प्राप्ति की आकांक्षा इत्यादि। कुछ विद्वानों का मानना है कि ऐसे संगठनों के पास आमतौर पर अन्य जिम्मेदारियाँ होती हैं; जैसे- धार्मिक नेताओं की नियुक्ति, इनके कार्यों को संचालित करने के उद्देश्य, नियम बनाना, कोष की स्थापना करना, अनुयायियों का अनुशासन, सदस्यता के लिए योग्यता का निर्धारण आदि धार्मिक संगठनों का मुख्य कार्य है। संगठन से ही हम अपने जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं और उन्हें ही हस वस्तुएँ तथा सेवाएं प्रदान करते हैं। हमारे जीवन में अनेक प्रकार के संगठन होते हैं, उन्हें हम सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक संगठनों में विभक्त कर सकते हैं। धार्मिक संगठनों में प्रमुख संगठन निम्नलिखित है ।
• अखिल भारतीय हिन्दू महासभा यह एक हिन्दू राष्ट्रवादी संगठन है। जिसकी स्थापना वर्ष 1915 में हुई थी। विनायक दामोदर सावरकर इसके अध्यक्ष थे। इस महासभा ने स्वतन्त्रता आन्दोलन में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। यद्यपि गाँधीजी की मृत्यु के पश्चात् इसके अधिकांश सदस्य भारतीय जनसंघ में भर्ती हो गए।
• अखिल विश्व गायत्री परिवार इस धार्मिक संगठन की स्थापना वैदिक सनातन धर्म के सिद्धान्तों आधार पर 1950 के दशक में हुई थी। इस संस्था ने विचार क्रान्ति अभियान, प्रज्ञा अभियान आदि महत्त्वपूर्ण कार्य किए इस संस्था का उद्देश्य जनमानस में वैचारिक परिवर्तन लाकर समाज का उत्थान करना है।
• आनन्द मार्ग आनन्द का मार्ग एक सामाजिक एवं धार्मिक संगठन है। इसका प्रारम्भ वर्ष 1955 में बिहार में जमालपुर में श्री प्रभात रंजन सरकार के द्वारा किया गया था। इसके द्वारा विकास तथा परिवर्तन का कार्य किया जाता है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य सामाजिक-धार्मिक परिवर्तन करना है।
• आर्य समाज आर्य समाज एक ऐसा धार्मिक संगठन है जिसकी स्थापना स्वामी दयानन्द सरस्वती के द्वारा 1875 ई. में मुम्बई में की गई है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य धार्मिक सुधार की व्यवस्था को लागू करना था। आर्य समाज का आदर्श मूर्ति पूजा, अवतारवाद, बलि, झूठे कर्मकाण्डों तथा अन्धविश्वास को अस्वीकार करना था।
• ब्रह्म समाज बह्म समाज एक धार्मिक तथा सामाजिक संगठन था। जिसका मूल उद्देश्य धार्मिक आस्थाओं में विभक्त जनता को एकजुट करना तथा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना था। यह संगठन धार्मिक रूढ़ियों को समाप्त करने का कार्य करता था। 1815 ई. में इस संस्था के संस्थापक राजा राममोहन राय ने 'आत्मीय सभा' की स्थापना की।
• दुर्गा वाहिनी ।दुर्गा वाहिनी विश्व हिन्दू परिषद् की महिला शाखा है, जिसकी स्थापना वर्ष 1991 में साध्वी ऋतम्भरा ने की। दुर्गा वाहिनी का मुख्य उद्देश्य धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यों के लिए महिलाओं को प्रेरित करना था। इसके माध्यम से महिलाओं को शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रबल बनाना था।
• राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यह भारत का एक दक्षिणपन्थी संगठन है। यह हिन्दू राष्ट्रवादी संगठन है। यह संघ और आर. एस. एस. के नाम से अधिक प्रसिद्ध है। यह विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। यह संगठन भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखने के आदर्शों को बढ़ावा देता है और बहुसंख्यक हिन्दू सम्प्रदाय को मजबूत बनाने के लिए हिन्दुत्व की विचारधारा का प्रचार करता है।
• विश्व हिन्दू परिषद यह एक हिन्दू संगठन है जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की एक शाखा है। इसे विहिप के नाम से भी जाना जाता है। इस संगठन का नारा है "धर्मो रक्षति रक्षित" यानी जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। इसकी स्थापना वर्ष 1964 में की गई थी। इसका कार्यालय दिल्ली में है। इसके संस्थापकों में केशवराम काशीराम शास्त्री, स्वामी चिन्मयानन्द, एस. एस आप्टे मुख्य है।
• बजरंग दल बजरंग दल संघ परिवार और विश्व हिन्दू परिषद् का युवा चेहरा है। इसका प्रारम्भ 1 अक्टूबर, 1984 को हुआ। हिन्दुत्व इस परिवार का मुख्य दर्शन है। इस संगठन का मुख्य कार्य हिन्दू युवा शक्ति को समाज के प्रति संस्कारयुक्त, सकारात्मक भूमिका की ओर प्रेरित करना है।
• हिन्दू युवा वाहिनी यह एक हिन्दूवादी संगठन है जिसके संस्थापक गोरक्षपीठाधीश्वर गोरक्षपीठ गोरखपुर मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ जी है। वर्ष 2002 के अप्रैल माह में रामनवमी के अवसर पर योगी आदित्यनाथ मे महानगर में कुछ राष्ट्रवादी नवयुवकों को संगठित करके हिन्दू युवा वाहिनी की स्थापना की थी।
• रामकृष्ण मिशन इसकी स्थापना 1 मई, 1897 को रामकृष्ण परमहंस के परम शिष्य स्वामी विवेकानन्द ने की थी। इसका मुख्य कार्यालय कोलाकाता के निकट बेलूर में है। यह मिशन दूसरों की और सेवा परोपकार को कर्म योग मानता है, जो हिन्दू धर्म का महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त है।
• चिन्मय मिशन यह मिशन वर्ष 1953 में स्थापित किया गया है। यह एक आध्यात्मिक शैक्षिक तथा धार्मिक संस्था है। इसकी स्थापना स्वामी चिन्मयानन्द के द्वारा की गई। इस समय विश्व में लगभग इसके 300 से अधिक केन्द्र चल रहे हैं।
• हिन्दू ऐक्य वेदी भारत के केरल प्रदेश में यह एक सक्रिय संगठन है। यह पूर्णतः हिन्दू संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य हिन्दू संगठनों को एकत्र करना है। इसकी स्थापना स्वामी दयानन्द सरस्वती के द्वारा की गई थी।
• हिन्दू जागरण मंच यह भी एक हिन्दू संगठन है जिसका कार्य हिन्दुओं में देश की भावना को जाग्रत करना तथा प्रेम को बढ़ावा देना है। यह संगठन हिन्दुओं की आन्तरिक सुरक्षा को ध्यान में रखता है।
• हिन्दू जनजागृति समिति यह एक हिन्दूवादी संगठन है जो सम्पूर्ण विश्व में हिन्दुओं के मानवाधिकारों के लिए कार्य करता है। इसकी स्थापना 13 अक्टूबर, 2002 को की गई। इस संस्था का कथन है कि वह सभी हिन्दुओं की सभी बाधाओं को तोड़कर उन्हें एकजुट करने के लिए एक साझा मंच के रूप में खड़ी है।


