कप्तानगंज ब्लाक की गजब कहानी: कही शराब की.. कही डायपर, बाप रे बाप.. साहब स्वच्छता का कुछ तो ख्याल रखते..
बस्ती। भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य भारत को स्वच्छ बनना है। इस का दायित्व जिले से विकास खंड को सौंपा गया। लेकिन कही न कही कप्तानगंज विकास खंड परिसर आए दिन गन्दगी से सवाल खड़े कर रहा। ब्लाक में सफाई कर्मचारी को कुछ कमी तो नहीं?
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| पिछले दिनों में चले कुछ समाचार पत्रों की खबर, बीडीओ द्वारा अभी तक साफ सफाई को लेकर कोई करवाही नहीं। |
सूत्रों के मुताबिक कप्तानगंज ब्लाक में डायपर (गंदगी) की अंबार लगा हुआ है। इस ब्लाक में लगभग दर्जनों कर्मचारीयों की तैनाती है। फिर भी सरकार की स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर सवाल खड़े कर रहें है।
सरकार द्वारा जहां से योजनाओ का क्रियान्वयन करवाया जाता है उस जगह पर गंदगी की अंबार लगी हो तो उससे सरकार की छवि धूमिल करना कहा जाता है ।
नाक के नीचे गंदे डायपर से हो रही गंदगी व कुड़ा करकट से फैली दुर्गंध को साफ करवाना मुनासिब न समझ कर सुगंध लेना मुनासिब समझते हैं । कप्तानगंज ब्लाक परिसर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। भाई गलती साहब की नहीं है काम करने का दबाव इतना ज्यादा होता है कि साफ सफाई पर ध्यान जाता ही नही है । या यूं कहे जरूरी नहीं समझते हैं। ब्लाक मे गंदगी क्यो न हो जब अधिकारी व कर्मचारी अपनी कुर्सी की पेटी बांधे बैठे है ।




