तालाब की जमीन पर बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के आदेश
आगरा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई मस्जिद को तोड़ने का आदेश दिया है। डीएम की जवाबदेही तय करते हुए एक माह में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
भूरी सिंह ने आगरा के डीएम और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के विरुद्ध 15 सितंबर को एनजीटी में वाद दाखिल किया था। उन्होंने शिकायत की थी कि अंगूठी गांव में खसरा संख्या 486 का कुछ भाग राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है, लेकिन आगरा-अछनेरा रोड के किनारे स्थित तालाब की 350 वर्ग मीटर भूमि पर अतिक्रमण कर मस्जिद बना ली गई है। वाद की सुनवाई 17 जनवरी को एनजीटी में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की बेंच ने की। बेंच ने आदेश दिया कि राजस्व गांव में तालाब के स्वरूप में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
तालाब को बनाए रखने के लिए उचित कार्रवाई करना राजस्व अधिकारियों यानि डीएम की जिम्मेदारी है। तालाब पर अतिक्रमण है तो अतिक्रमण हटाने के लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। बेंच ने डीएम को तालाब की भूमि को उसके आकार व प्रकृति में राजस्व अभिलेखों के अनुसार बनाए रखने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम को एक माह में कार्रवाई रिपोर्ट भी दाखिल करनी होगी। पैरवी कर रहे अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का कहना है कि तालाब पर अवैध निर्माण के संबंध में राजस्व और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से शिकायत की गई थी, लेकिन संज्ञान नहीं लिया गया था।

