घर में मां की लाश, ताला बंद कर संपत्ति बंटवारे को लेकर भिड़े भाई
कौशांबी। संपत्ति का फेर जो न कराए कम है, रिश्ते-नाते, खून सब बेकार हो जाते हैं इसके आगे। कौशांबी के कोखराज क्षेत्र के काकरावाद ग्राम में कुछ ऐसा ही हुआ है, एक ही कोख से दुनिया में आए भाई संपत्ति के लिए ऐसा भिड़े कि तमाशा बन गया। बात मामूली नोकझोंक से भी आगे बढ़ गई। मां को ताले में बंद कर दिया। मंगलवार को पुलिस पहुंची तो मां को गंगातट पर चिर विश्राम मिल सका।
सोमवार नौ दिसंबर की सुबह सात बजे 70 वर्षीय सुमित्रा देवी वर्मा पत्नी स्व. शिव आसरे वर्मा चिरनिद्रा में लीन हो गईं। मां के निधन की सूचना छोटे बेटे सुशील वर्मा ने तमाम रिश्तेदारों को दी तो वह जुटे। सभी ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की, लेकिन बड़े बेटे ब्रजेश ने संपत्ति बंटवारे की मांग शुरू कर दी। कहा-अंत्येष्टि से पहले संपत्ति का बंटवारा होना चाहिए। इतना ही नहीं उसने घर में ताला लगाकर बंद कर दिया।
सुमित्रा का शव घर में पड़ा रहा। मंगलवार सुबह फिर संपत्ति बंटवारे को लेकर नोक- झोंक होने लगी। इसकी सूचना इस बार कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को दे दी। जानकारी पाकर 112 डायल व कोखराज पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों भाइयों को यह कहते हुए फटकारा कि पहले अंतिम संस्कार करो, फिर संपत्ति का बंटवारा करा दिया जाएगा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भाइयों ने मां का अंतिम संस्कार कर दिया। सुशील ने मुखाग्नि दी।
मां घर पर चलाती थी किराना दुकान सुशील हाईस्कूल पास है, जबकि व्रजेश खुद को गांव में खुद को अधिवक्ता बताते हैं। मां घर पर ही किराना की दुकान चलाती थी। लगभग 50 गुणे 60 वर्ग फुट में मकान बना है और करीब एक बीघा खेत है। इसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये की बताई जाती है।


