मौसम ने ली अंगड़ाई, कोहरे के चादर में लिपटी बस्ती
बस्ती। अक्टूबर का महीना बीतने के बाद भी तापमान में कमी न आने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। रबी की फसल की बोआई को लेकर किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन अचानक रविवार की सुबह मौसम ने करवट लेने से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। गेहूं की अगेती फसल की बोआई के लिए किसानों ने खेतों की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अधिकतर किसान 15 नवंबर से गेहूं की बोआई शुरू कर देते हैं। इसके लिए उनके द्वारा खेतों का पलेवा करना भी शुरू कर दिया गया है। अमरौली शुमाली के किसान मेवालाल यादव का कहना है कि अचानक मौसम में हुए बदलाव से रबी फसलों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। दुर्गापुर के किसान जीपलाल यादव का कहना है
कि अभी तक मौसम गर्म बना हुआ था। यह मौसम गेहूं के साथ अन्य फसलों के लिए भी फायदेमंद नहीं था। अचानक मौसम ने करवट ली है, जो काफी खुशी की बात है। औड़जंगल के किसान क्रांति कुमार ने बताया कि अगर तापमान में कमी नहीं आती तो गोभी, टमाटर, लहसुन, पालक, मेथी, धनिया, बाकड़ा, मिर्चा आदि की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता। मेहरवानपुर के अखिलेश यादव का कहना है कि अक्टूबर का महीना बीत जाने के बाद भी मौसम गर्म बना हुआ था, लेकिन अचानक मौसम में हुआ बदलाव फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा।


