पूर्व प्रिंसिपल के कहने पर अर्पित ने खुलवाए थे पांच बैंक खाते
प्रयागराज। उप्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) के पेपर लीक की तफ्तीश में जुटी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) टीम को अहम जानकारी मिली है। पता चला है कि बिशप जानसन गर्ल्स स्कूल एंड कालेज की पूर्व प्रिंसिपल पारुल सोलोमन के कहने पर संविदा कर्मचारी अर्पित विनीत यशवंत ने अलग-अलग बैंक में खाते खुलवाए थे। इन बैंक खातों में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है।
एसटीएफ का कहना है कि स्कूल की तत्कालीन प्रिंसिपल पारुल के सहयोग से ही अर्पित ने पेपर लीक करवाया था। अर्पित का साल्वर गैंग से पुराना कनेक्शन है, इसकी जानकारी कई लोगों को थी। पारुल से वह इंटरनेट काल पर बात करता था, ताकि उसकी बातों को रिकार्ड न किया जा सके। यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद जब अर्पित से पूछताछ की गई थी तो वह गुमराह करता रहा। अभिलेखों की जांच से पता चला कि 10 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी करने वाले अर्पित ने 10 मिनट में पेपर आउट करवाया था। उसके रहन-सहन का ढंग भी किसी रईस व्यक्ति से कम नहीं था।
छानबीन में यह बात सामने आई कि वेतन के अलावा दूसरा कोई आर्थिक स्रोत नहीं था। इसी आधार पर तफ्तीश को आगे बढ़ाया गया तो बैंक खातों और उसमें होने वाले ट्रांजेक्शन का पता चला। अब जेल में बंद अभियुक्त अर्पित विनीत को पीसीआर पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी।
ईडी ने मांगी एसटीएफ से जानकारी
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसटीएफ से जानकारी मांगी है। साथ ही उसने अपनी जांच का भी दायरा बढ़ा दिया है। अब पूर्व प्रिंसिपल पारुल सोलोमन और उसके सहयोगी अर्पित विनीत यशवंत से पूछताछ की जाएगी। इनकी चल और अचल संपत्ति की भी छानबीन की जाएगी। फिर मिलने वाले तथ्य और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले ईडी की ओर से गिरोह के सरगना राजीव नयन मिश्रा और उसके सहयोगी की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की गई थी।


