सौम्या ने विकसित किया विटामिन A से भरपूर यूएएस-478 गेहूं प्रजाति
आनंद तिवारी
कुमारगंज, (अयोध्या): आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय कृषि विज्ञानियों की अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में देश के नामचीन चेहरे हैं, जिन्होंने एक से बढ़ कर एक शोध किए हैं। आने वाले दो दिनों में अपने अपने शोध इस कार्यशाला में प्रस्तुत करेंगे।
अपने द्वारा विकसित प्रजातियों के बारे में लोगों को जानकारी देंगे। इसमें कर्नाटक के धारवाड़ कृषि विश्वविद्यालय की विज्ञानी सौम्या पहुंची हैं, जिन्होंने गेहूं की नवीनतम प्रजाति यूएएस-478 विकसित की है, यह प्रजाति कार्यशाला में बुधवार को चर्चा में रही।
गेहूं की यह प्रजाति वर्ष 2023 में रिलीज हुई। इस प्रजाति में विटामिन ए की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसलिए इसकी रोटी खाने में स्वादिष्ट व स्वास्थ्यवर्धक है। यह किसानों में अधिक लोकप्रिय है। इस गेहूं की प्रजाति की अधिकतम पैदावर 31 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।। यह प्रजाति कर्नाटक एवं महाराष्ट्र के किसानों के लिए वरदान से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश की जलवायु में इसकी पैदावार को लेकर शोध हो रहा है। सौम्या ने बताया कि यह प्रजाति, जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है, वहां के लिए सबसे ज्यादा कारगर है। इसमें रोग कम लगता है, जिससे किसानों को दवा का प्रयोग कम करना पड़ता है। इसकी पैदावार में लागत भी
कम लगती है।

