एक बार फिर अमरमणि की संपत्ति कुर्की को फिर मिला समय
बस्ती। जिले के कोतवाली क्षेत्र के 22 वर्ष पुराने अपहरण व गैंगस्टर एक्ट के मामले में अमरमणि की संपत्तियों को कुर्क करने का समय एक बार फिर एमपी/एमएलए कोर्ट ने बढ़ा दिया है। मामले में न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने पांच सितंबर को अगली तारीख लगाई है।
कोतवाली क्षेत्र के अपहरण व गैंगस्टर एक्ट के मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि - त्रिपाठी न्यायालय से गैरहाजिर चल रहे हैं। उनके द्वारा अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। अदालत में बुधवार को कोतवाली पुलिस ने कुर्की रिपोर्ट के संबंध में और समय मांगा। पुलिस द्वारा बताया गया कि उप जिलाधिकारी लखनऊ की रिपोर्ट के अनुसार राजकीय अभिलेखों में अमरमणि के नाम कोई संपत्ति दर्ज नहीं है। उप निबंधक कार्यालय से रिपोर्ट मंगा कर संपत्ति का विवरण मंगाया जा सकता है। कोतवाली पुलिस ने उप निबंधक कार्यालय से रिपोर्ट के लिए समय की याचना की। अदालत ने रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए शेष संपत्तियों का पता लगाकर कुर्की के लिए पांच सितंबर तक का समय दिया है। है मामला
यह छह दिसंबर 2001 को रोडवेज तिराहा निवासी राहुल का अपहरण हुआ था। राहुल की बरामदगी तत्कालीन मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित आवास से हुई थी। इस मामले में 19 दिसंबर 2001 को अमरमणि को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 20 दिसंबर को लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। वहां से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली थी। 21 दिसंबर को सीजेएम बस्ती की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। तीन जनवरी 2002 को स्पेशल जज बस्ती ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
एक फरवरी 2002 को उच्च न्यायालय से जमानत प्राप्त होने के बाद वह जेल से रिहा हुए थे।


