डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटर की जांच की मांग, करणी सेना ने सौंपा ज्ञापन
- संचालन में मानकों की अनदेखी, उठी सघन जांच की मांग
- करणी सेना ने की जांच और कार्यवाही की अपील
बस्ती। जिले के भानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर संदेहास्पद रूप से चल रहे डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटर की जांच की मांग को लेकर करणी सेना के प्रदेश सचिव और बस्ती मंडल प्रभारी समर प्रताप सिंह ने संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ जिला अधिकारी बस्ती को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से इन सेंटरों की जांच कर उचित कार्यवाही करने की अपील की।
आरोप: बिना डिग्री के संचालित हो रहे डायग्नोस्टिक सेंटर
करणी सेना का आरोप है कि साईं डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटर के संचालक हेमंत पांडेय और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के पास जरूरी डिग्री नहीं है और न ही वे स्वास्थ्य विभाग से पंजीकृत हैं। आरोप यह भी है कि सेंटर पर 10वीं और 12वीं पास अप्रशिक्षित ऑपरेटर अल्ट्रासाउंड करके रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।
अवैध लिंग परीक्षण का भी आरोप
करणी सेना ने यह भी आरोप लगाया कि यह सेंटर गैरकानूनी रूप से प्रतिबंधित प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण का धंधा कर रहा है। संचालकों के प्रभाव के कारण लोग खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे हैं, जिससे यह अवैध गतिविधियां जारी हैं।
मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़
गैर-प्रशिक्षित लोगों द्वारा नैदानिक परीक्षण रिपोर्ट बनाई जा रही हैं, जिससे मरीजों को गलत इलाज मिलने की संभावना बढ़ जाती है। करणी सेना ने मांग की है कि इन डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटरों में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की शैक्षणिक योग्यता और पंजीकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
निष्कर्ष
करणी सेना ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इन अवैध रूप से संचालित डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेंटरों की गहन जांच की जाए। यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

