अंधेरे में डूबा फुटहिय तिराहा, करोड़ों रुपये की लागत से हाइवे हाईमास्ट खराब, जिम्मेदार मौन
बस्ती। न कार्रवाई का डर और न ही नियमों की चिंता। जिला मुख्यालय में प्रवेश से पहले अंधकार का सामना।
अयोध्या - बस्ती मार्ग के फुटहिया फ्लाईओवर और टांडा के रास्ते अगर आप जिला मुख्यालय बस्ती की ओर प्रवेश कर रहे है तो यहां शाम होते ही हाइवे और सड़के अंधकार में डूबी मिलेगी। इस कारण रोजाना हजारों की संख्या वाहन अंधेरे में आवागमन करने को मजबूर हैं। एसे में कही न कही हाइवे पर अंधेरा होने से हादसे की संभावना भी बढ़ गई है।
क्यों की अफसरों की लापरवाही के चलते नेशनल हाईवे-28 की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। फ्लाईओवर और अंडरपास मार्ग भी शामिल हैं। यह ऐसा मार्ग है। जिस पर वाहनों को सर्विस लेन की तरफ समय - समय पर डायवर्ट किया जाता हैं। जहां से लगभग 24 हजार गाडियां रोज गुजरती हैं।
आपको बता दे कि बस्ती के फुटहिया पर बने इस फ्लाइओवर को बनाने में 15 करोड़ से अधिक बजट खर्च हुआ है। एनएच-28 गोरखपुर - लखनऊ का मेन फ्लाइओवर के रूप में माना जाता है।
बस्ती जिले में तीन जगहों पर पहले से टोल टैक्स की वसूली की जा रही है और दुबौलिया क्षेत्र के रामजानकी मार्ग स्थित बैरागल गांव के पास चौथा टोल प्लाजा प्लान चल रहा है। महंगा टोल वसूले जाने के बाद भी वाहन चालकों को सुविधाएं नहीं दी जा रहीं।
करोड़ों रूपये खर्च के बाद बने फ्लाइओवर और अंडरपास के समीप लगी स्ट्रीट लाइटें अंधकार की आंसू बहा रहा है।
ऐसे में कहीं ना कहीं एनएचआई की लापरवाही देखने को मिल रही है। इस मार्ग से सैकड़ो नेता अधिकारी रोजाना सफर कर रहे हैं। ऐसे में कहीं ना कहीं जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है।


