इस फल के सेवन से ऋषि मुनि जीवित रहते थे हजारों साल, गुण जानकर चौंक जाएंगे आप
बृहस्पति कुमार पांडेय
हेल्थ। स्टारआंवला (Star Gooseberry) जिसे हिंदी में हरफरौरी के नाम से जाना जाता है। इसका स्वाद आंवले से मिलता जुलता है। वैसे बस्ती जिले में किसान अरविन्द बहादुर पाल (Arvind Bahadur Pal) जी के पास इसका बड़ा पेड़ है.
जिसे वह फरफर रेवड़ी के नाम से भी पुकारते हैं। Gooseberry फल में विटामिन सी, पोटेशियम, कैल्शियम और कैरोटेनोइड्स प्रचुरता में पाये जाते हैं। विटामिन सी एक अच्छा ऐंटी-ऑक्सीडेंट होने के साथ शरीर मे आयरन के अवशोषण के लिए ज़रूरी होता है। कैल्शियम हड्डियों और दाँतो के निर्माण के लिए जरूरी है। पोटेशियम कोशिकाओं, ऊतकों और अंगो (ऑर्गन्स) के सुचारु रूप से काम करने के लिए ज़रूरी होता है। कैरोटेनोइड्स नेत्र रोगों, कैंसर और हृदय रोगों के होने के खतरों को कम करता है।
इसमे पोली फेनोल्स वर्ग के तत्व और एंटीओक्सीडेंट का गुण भी पाये जाते है जो इसे कई रोगों से बचाव, रोकथाम और इलाज में सक्षम बनाते हैं।
हरफरौरी का फल लिवर को डैमेज होने से बचाने वाला (हिपटोप्रोटेक्टिव), भूख बढ़ाने वाला, रक्त की अशुद्धियों को दूर करने वाला (ब्लड प्युरिफायर ), कब्ज को दूर करने वाला, कैंसर रोधी, और एक अच्छा लिवर टॉनिक है। ये ब्रोंकाइटिस, उच्च रक्तचाप, मिचली (बिलियसनेस), पथरी, और डायरिया के इलाज में भी सहायक है। पारंपरिक तौर पर हरफरौरी की जड़, पत्तियाँ और बीजों का इस्तेमाल औषधीय रूप में किया जाता है। शोध भी हरफरौरी की जड़ ,पत्तियों और बीज में कई औषधीय गुण की पुष्टि करते हैं। इसके फलों का जैम, अचार, चटनी और मुरब्बा बनाया जाता है जो काफी स्वादिष्ठ होता है।



