घर बैठे यूपीएससी की तैयारी कैसे करें
सिविल सेवा परीक्षा ऐसे करें बेहतर प्रदर्शन.
डॉ. अतुल लोहिया
सिविल सेवा एक्सपर्ट
आगामी दिनों में संघ और राज्य लोक आ सेवा आयोगों द्वारा आयोजित की जाने वाली कई सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा चाहे कोई भी हो, उसका नाम आते ही विद्यार्थियों के मन में एक डर और चिंता की भावना घर कर जाती है और अक्सर बहुत सारे विद्यार्थी परीक्षा के नाम से ही सहम जाते हैं। बात करें सिविल सेवा परीक्षा की, तो यह वैसे भी देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में से एक है। अतः इसके प्रति डर होना स्वाभाविक है। कहने को तो प्रारंभिक परीक्षा केवल क्वालीफाइंग प्रकृति की होती है। और इसमें प्राप्त अंकों की अंतिम चयन सूची में कोई भूमिका नहीं होती है, फिर भी परीक्षा में सफलता की पहली सीढ़ी यही होती है, जिसे पार किए बिना मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हुआ जा सकता। पिछले कुछ समय से प्रारंभिक परीक्षा को पास करना विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
जिसमें लाखों परीक्षार्थियों में से कुछ हजार विद्यार्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए चयन होता है। अत्यधिक प्रतिस्पर्द्धा, सामान्य अध्ययन का व्यापक दायरा, प्रश्नों की जटिल प्रकृति, किस खंड से ज्यादा प्रश्न पूछे जाएंगे, इसका अंदाजा न लगा पाना, निगेटिव मार्किंग और सीसैट क्वालीफाई न कर पाना जैसे कारणों की वजह से विद्यार्थी प्रारंभिक परीक्षा को पास करने में कठिनाई अनुभव कर रहे हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि कोई इस परीक्षा को पास ही नहीं कर सकता। इस कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थी भी इन्हीं विद्यार्थियों के बीच से होते हैं, जो परीक्षा के प्रारूप को समझते हुए उचित रणनीति और पाठ्यक्रम के अनुसार अपनी तैयारी करते हैं।
समय प्रबंधन जरूरी: परीक्षा की तैयारी के दौरान समय का सदुपयोग करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। इसके लिए अभी से लेकर परीक्षा तक के बीच के समय का सही तरीके से प्रबंधन करें ताकि कम-से-कम समय में भी अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें। सामान्य अध्ययन और सीसैट के विभिन्न खंडों की बेहतर ढंग से तैयारी के लिए पहले से ही रणनीतिगत तरीके से समय, का आवंटन सुनिश्चित करें और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या निर्धारित करें।
संपूर्ण सिलेबस की तैयारी करें : परीक्षा में सामान्य अध्ययन के किस खंड से कितने प्रश्न पूछे जाएंगे, इसका अंदाजा लगाना संभव नहीं होता है। कई बार संविधान एवं राजव्यवस्था से ज्यादा प्रश्न पूछ लिए जाते हैं तो कई बार भारतीय इतिहास या भूगोल खंड से, कई बार करेंट अफेअर्स की भूमिका अहम हो जाती है। ऐसी स्थिति में पूरे सिलेबस की तैयारी करना ही समझदारी है। सिलेक्टिव स्टड़ी करना घाटे का सौदा हो सकता हैं।
एनसीईआरटी पुस्तकों को आधार बनाएं: कक्षा 6 से 12 तक की पांच विषयों- इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था एवं विज्ञान की एनसीईआरटी की पुस्तकों को आधार बनाते हुए तैयारी करें। परीक्षा में पूछे जाने वाले अनेक अवधारणात्मक प्रश्नों के लिए जिस आधारभूत समझ की जानकारी आवश्यक होती है, इन पुस्तकों की मदद से उस जानकारी को प्राप्त किया जा सकता है। यह जानकारी आपकी तैयारी को एक मजबूत बुनियाद प्रदान करेगी। अगर आपके पास सभी विषयों की एनसीईआरटी पुस्तकों के संपूर्ण अध्ययन का समय नहीं है, तो आप केवल उनका सार भी पढ़ सकते हैं। यह भी आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
रटे नहीं, समझें
प्रारंभिक परीक्षा में कई ऐसे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका सही उत्तर देने के लिए विभिन्न विषयों की मूलभूत अवधारणाओं की व्यापक समझ होना जरूरी है। बुनियादी धारणाओं व सिद्धांतों पर मजबूत पकड़ बनाए बिना तथ्यों को याद करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी तरफ विभिन्न अवधारणाओं को समझकर पढ़ाई करने से उन पर आपकी पकड़ मबजूत होती है और उनसे जुड़े तथ्याँ को लंबे समय तक याद रख पाना आसान होता है। फिर चाहे परीक्षा में प्रश्न जितना घुमा-फिराकर पूछ लिया जाए आप उसका उत्तर देने में सक्षम होते हैं।
करंट अफेअर्स पर नजर
पिछले कुछ वर्षों से सिविल सेवा परीक्षाओं में सामान्य अध्ययन के विभिन्न खंडों से संबंधित नवीन समसामयिक घटनाओं से प्रश्न पूछे जाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। कई बार पचास प्रतिशत से ज्यादा प्रश्न समसामयिक घटनाओं से संबंधित रहे हैं। अतः पिछले एक वर्ष की विभिन्न विषयों से जुड़ी, विशेषकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था एवं राजव्यवस्था, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और खेलों से जुड़ी समसामयिक घटनाओं पर विशेष ध्यान दें।
हल्के में न लें सीसैट को
यद्यपि सिविल सेवा परीक्षा में सीसैट केवल क्वालीफाइंग हो गया है और इसमें मिले अंकों के आधार पर आपकी सफलता का निर्धारण नहीं होता है फिर भी सीसैट को क्वालीफाई करना बहुत बड़ी चुनौती है। कई विद्यार्थी मैथ्स और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के होने के बावजूद सीसैट क्वालीफाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में सामाजिक विज्ञान पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए तो सीसैट और भी बड़ी चुनौती है। इसलिए सीसैट की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दें और मानक पुस्तकों का अध्ययन करें।
प्रश्नों का अभ्यास करते रहें
अपनी तैयारी के स्तर को जांचने के लिए आप निरंतर प्रश्न अभ्यास करते रहें। आप विभिन्न सिविल सेवा परीक्षाओं में पूछे गए पुराने प्रश्नों का भी अभ्यास कर सकते हैं और मॉक टेस्ट की भी मदद ले सकते हैं। इससे आपको अपनी कमियों को सुधारने तथा कमजोर पक्षों का पता लगाकर उन्हें मजबूत करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, आप परीक्षा के दौरान होने वाली मानवीय भूलों को भी कम कर पाएंगे।
परीक्षाओं की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण प्रश्न
'IAS-2023 स्पेशल' विशेषांक में विगत 12 वर्षों की आईएएस प्रारंभिक परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों के प्रामाणिक व्याख्या सहित हल दिए गए हैं। इनमें से कुछ प्रश्नोत्तर यहां प्रस्तुत हैं-
- कश्मीर में परिहासपुर नगर की स्थापना की थी -ललितादित्य
- कौन-सी बीमारी टैटू बनवाने के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में, संचरित हो सकती है? -चिकनगुनिया
- आनुवंशिक इंजीनियरी जीनों को स्थानांतरित होने देता है? -सूक्ष्मजीवों से उच्चतर जीवों में
- भारत छोड़ो आंदोलन किसकी प्रतिक्रिया में प्रारंभ किया गया? -क्रिप्स प्रस्ताव
- सबसे बड़ी संसदीय समिति कौन- सी है? -प्राक्कलन समिति
- उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने की शक्ति किसमें निहित है? -संसद
- एक जन-विद्रोह श्रृंखला, जिसे 'अरब स्प्रिंग' कहा गया, मूलतः किस देश से शुरू हुई? - ट्यूनीशिया
- कौन-सा जीव निस्यंदक भोजी (फिल्टर फीडर) है? -सीप (ऑयस्टर)


